The turbulent years With freedom came partition of Bharat millions of Hindus suffered Then RSS was banned taking advantage of the Mahatma Gandhi murder

1949

12 जुलाई सरकार ने संघ पर लगा हुआ प्रतिबंध बिना शर्त हटाया।
13 जुलाई श्री गुरुजी कारावास से मुक्त। पुरे भारत की परिक्रमा में जनता ने उनका स्थान-स्थान पर भव्य स्वागत किया।

Sangh constitution was drafted.
Government lifted the ban unconditionally on July 12.

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Shri Guruji was released from Jail on July 13. A rousing welcome was given to him All over Bharat in his whirl wind tour.
Akhil Bharatiya Vidyardhi Parishad - ABVP - was launched for nation building through student power.

 

1948

30 जनवरी गांधी जी की हत्या। श्री गुरुजी ने शोक संदेश भेजा।
1 फरवरी श्री गुरुजी नागपुर में बंदी बनाए गए।
अंतरिम काँग्रेस सरकार ने संघ पर प्रतिबन्ध लगाया तथा 17,000 स्वयंसेवकों को बंदी बनाया।
6 दिसम्बर प्रशासन से संवाद विफल होने के बाद, स्वयंसेवकों ने सत्याग्रह प्रारंभ किया। 1 जनवरी तक के सत्याग्रह पर्व में 60,000 स्वयंसेवक जेल गए।

Gandhiji was assassinated on January 30. Sangh expressed its deep condolences.
Shri Guruji was arrested on February 1 in Nagpur.
Interim Government blamed sangh for Gandhiji's murder, banned Sangh and arrested 17000 swayamsevaks on February 4.
Shri Guruji announced the closure of Sangh shakhas on February 5.
After the failure of talks with government, Swayamsevaks launched satyagraha demanding the removal of ban on Sangh on December 9.

 

1947

3 जून काँग्रेस ने विभाजन का प्रस्ताव स्वीकार किया। हिंदू समाज तथा स्वयंसेवकों को यह जबरदस्त आघात लगा। विभाजन की अपरिहार्यता देखकर संघ ने हिंदुओं को मुस्लिम अत्याचारों से बचाने पर लक्ष्य केंद्रित किया। 300 से भी अधिक सहायता शिबिर हिंदू शरणार्थियों के लिए चलाए।
15 अगस्त भारत स्वाधीन हुआ।
16 सितम्बर गांधी जी ने दिल्ली में 500 स्वयंसेवकों को संबोधित किया।
18 अक्तूबर श्री गुरुजी ने कश्मीर महाराजा हरिसिंह से भेंट करके उन्हें भारत में कश्मीर के विलय का आग्रह किया।

आर्गनाईजर तथा पाञ्चजन्य साप्ताहिकों का प्रारंभ।

Congress accepted Partition on 3rd June which was a stunning blow to the Hindu people, and more so to the Sangh Swayamsevaks. Hindus were killed massively in Punjab and Bengal. Sangh organized 3000 relief camps.
Bharat achieved independence on August 15.
Gandhiji addressed a gathering of 500 swayamsevaks in Bhangi colony of Delhi on Sept.14.
Shri Guruji flew to Srinagar on 17th October to advise the Maharaja of Kashmir to accede Kashmir into Bharat.
In Kenya,Swayamsevaks started an organisation with the name'Bharatiya Swayamsevak Sangh'.


Organizer and Panchajanya weeklies were launched

 

1946

16 अगस्त मुस्लिम लीग का ‘डायरेक्ट एक्शन’ आंदोलन। कलकत्ता में 5,000 हिंदुओं की हत्या तथा 15,000 जख्मी।

Muslim League declared 'Direct Action' on August 16. 5000 Hindus were killed and 15000 thousand injured in Calcutta.

 

1942

कांग्रेस द्वारा ‘भारत छोड़ो’ आंदोलन। कई स्वयंसेवकों ने उसमें सक्रीय सहभाग दिया। अष्टी-चिमूर में स्वयंसेवकों का बलिदान। रामटेक के नगर कार्यवाह श्री. बालासाहब देशपांडे को फांसी की सजा (बाद में सामूहिक छूट में उनकी यह सजा रद्द हो गयी)।

Congress launched 'Quit India' agitation demanding Britishers to leave the country. Several Sangh workers took active part in it.

 

1940

वीर सावरकर ने पुणे प्रांतिक बैठक को संबोधित किया।
श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने डॉक्टरजी से मिलकर बंगाल के हिंदुओं  की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की।
9 जून डॉक्टरजी ने नागपुर तृतीय वर्ष शिक्षार्थियों को समापन पर संबोधित किया। यह उनका अंतिम भाषण सिद्ध हुआ। इस वर्ग में देश के सभी प्रांतों से स्वयंसेवक शिक्षार्थी के रुप में आए थे।
सुभाषचंद्र बोस से 19 जून को डॉक्टरजी की भेंट पर डॉक्टरजी के बीमार अवस्था के कारण दर्शन करके वापसी।
21 जून डॉक्टरजी का देहावसान।
3 जुलाई श्री. माधव सदाशिव गोलवलकर ‘श्री गुरुजी’  को सरसंघचालक घोषित किया गया।

Veer Savarkar visited RSS prantik Baithak in pune.
Doctor Shyama Prasada Mukherjee met Doctorji to express his concern over the plight of Hindus in Bengal.
British Government banned the Sangh uniform -ganavesh - and route march.
Sanskrit prayer - Prardhana - was introduced in place of Hindi&Marathi prayer.
Sanskrit instructions - ajnas -introduced in place of English instructions.
Subhas Bose visited Doctorji on his deathbed on June 20.

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Doctor Ji’s samadhi 1940

Doctorji passed away on June 21 at 9.27 am.
Madhav Sadasiva Golwalkar - Shri Guruji - was designated as Second Sarsangh Chalak on July 3.