The decade of Hindu awakening Many large campaigns were arranged in this decade

1989

$img_title

On June 25 the terrorist attack on an RSS Shakha in Moga Town, Punjab resulted in loss of lives of 18 Swayamsevaks and 6 others. 28 others were injured.

 

1988

डॉ. हेडगेवार जन्मशताब्दि निमित्त व्यापक जनसंपर्क अभियान, 76,000 सभाएँ तथा 15 करोड़ लोगों से संपर्क। डॉ. हेडगेवार स्मारक सेवा समिती द्वारा सेवा कार्यों के लिए 11 करोड़ का धन संकलन।
Jana Samparka Abhiyan was launched on the eve of Centeary Celbrations of Dr.Hedgewar. Syawaymsevaks contacted 1,50,000 famililies, conducted 76,000 meetings and collected 11 crore rupess towards Seva Nidhi.

 

1987

66 दिसम्बर सरसंघचालक श्री. देवरस जी का मुंबई चैत्यभूमि में डॉ. बाबासाहब आंबेडकर की स्मृति को अभिवादन।
शेषाद्रिजी सरकार्यवाह चुने गए।
गुजरात में पड़े अकाल से 18,000 में से 15,000 गाँव पीड़ित। सहायता पहुँचाने के लिए स्वंयसेवकों ने दुष्काल पीड़ित सहायता समिती बनायी। व्यापक सहायता के साथ गोवंश की रक्षा पर विशेष ध्यान दिया। 123 राहत केंद्रों में 1,45,310 गोवंश का रक्षण किया।

<$img_title

Sheshadriji was elected Sarkaryavah.
Sri Balasaheb Deoras, Sarsanghchalak visited Chaitya Bhoomi On 6th December to pay his homage to the memory of late Dr. Ambedkar.

 

1986

त्रिवेंद्रम में हिंदु संगम का आयोजन।
संघ के कार्यकारी मंडल द्वारा, खालिस्तानवादी आतंकवादियों के हिंसा का निषेध। सिक्ख तथा अन्य हिंदुओं में सामंजस्य का आवाहन।
राष्ट्रीय सिक्ख संगत की स्थापना।

 

1985

संघ के 60 साल पुरे होने के उपलक्ष्य में व्यापक जनसंपर्क अभियान।

Sangh completed 60 years. Nation-wide awareness programmes were conducted.

 

1984

अक्तूबर श्रीमती इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुई हिंसा में सिक्ख बंधुओं की बड़ी हानि। स्वयंसेवकों ने अपने घरों में आश्रय देकर तथा राहत शिबिर चलाकर सीक्ख बंधुओं की सहायता की।

Massive human and property loss to Sikhs in Delhi in the wake of the assassination of Smt.Indira Gandhi in October. Hundreds of Sikh families were given protection in Swayamsevaks' homes; relief camps were set up for the needy and necessary service rendered at their homes in Delhi and other parts of the country.

Reconstruction of Golden Temple after Operation Blue-Star. Swayamsevaks in large number participatated in the Karseva at Golden Temple in Amritsar.

 

1983

विश्व हिंदु परिषद द्वारा पुरे देश में एकात्मता यज्ञ रथ यात्रा का आयोजन। स्वयंसेवकों का सक्रिय सहभाग।
13 से 15 जनवरी महाराष्ट्र प्रांत का प्रांतिक शिबिर आयोजित। 35,000 स्वयंसेवक उपस्थित।
असम में जातीय दंगे। स्वयंसेवकों ने 5,000 से भी अधिक दंगा ग्रस्त परिवारों की सहायता की।

Ekatmata Yajna was launched by Vishwa Hindu Parishad with active support of Swyamseveks for rousing the peoples' faith and devotion to Bharat Mata and Ganga Mata.
Maharashtra Prantik Shibir held at Pune. Attendance more than 35,000.

 

1982

कर्नाटक प्रांतिक शिबिर का बंगलोर में आयोजन 25,000 स्वयंसेवकों की उपस्थिति।

1982 Karnataka Prantik Shibir was held at Bangalore. Attendance more than 25000.

 

1981

मीनाक्षीपुरम्, तमिलनाडु में 800 हिंदुओं का इस्लाम में सामूहिक मतांतरण। विविध हिंदू संघटनों के साथ संघ ने इसका विरोध किया तथा मतांतरण के खतरे के बारे में पुरे भारत में जनजागृति अभियान में सहभाग दिया।
संस्कार भारती का गठन।

Islamic mass conversion of about 800 Hindus in February in Meenakshipuram in Tamilnadu. Sangh along with other Hindu organisations protested these conversions in Meenakshipuram and other parts of Tamilnadu, and held an awareness campaign against religious conversions.
Sanskar Bharati was founded.

 

1980

संघ का व्यापक जन संपर्क अभियान। 95,000 गाँवों में 1 करोड़ परिवारों से संपर्क किया।

Sangh launched mass public contact programme - Jana samparka abhiyan - covering 95000 villages and 1 crore families.

Janata party leaders insisted that no RSS member can become a Janata party member at the same time. Bharatiya Janata Party was formed over this dual membership issue.