The decade of social acceptance and expansion Vishwa Hindu Parishad was founded

 

1968

मध्यभारत प्रांतिक शिबिर शाजापुर में।

Madhya Bharat Prantik Shibir in Shajapur.

 

1967

महाराष्ट्र प्रांतिक शिबिर में 10,000 स्वयंसेवक उपस्थित।

Maharashtra Prantik Shibir was attended by more than 10000 Swayamsevaks.

 

1966

बिहार में अकाल। श्री जय प्रकाश नारायण द्वारा संघ के राहत कार्यों की सराहना।
प्रथम विश्व हिंदु सम्मेलन प्रयाग में संपन्न।

Drought in Bihar. Jayprakash Narayan was impressed with the selfless service of Swayamsevaks in relief opearions.
1st Vishwa Hindu Sammelan at Prayag.

 

1965

पाकिस्तान का भारत पर आक्रमण। तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री लालबहादुर शास्त्री द्वारा श्री गुरुजी को सर्वदलीय सम्मेलन में सहभागिता का निमंत्रण। सम्मेलन में श्री गुरुजी द्वारा सभी प्रकार से पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन।
युद्ध के 22 दिनों तक, दिल्ली में, यातायात नियंत्रण जैसे आवश्यक नागरी कार्यों में स्वयंसेवकों का सहभाग। स्वयंसेवकों द्वारा सभी आवश्यक स्थानों पर रक्तदान।
श्री. मधुकर दत्तात्रय - बालासाहब - देवरस संघ के सरकार्यवाह पद पर चुने गए।
नागपुर-विदर्भ का प्रांतिक शिबिर 5,000 स्वयंसेवकों का सहभाग।
बंगलोर में राष्ट्रोत्थान परिषद की स्थापना।

Pakistan attacked Bharat. Lal Bahadur Shastri, the then Prime Minister, invited shri Guruji to attend the All-Leaders Conference in New Delhi. At the conference, Shri Guruji extended complete co-operation on behalf of the Sangh.
Sri Madhukar Dattatreya Deoras - Balasahebji - was elected as General Secretary - Sarkaryavaha - of Sangh.
Nagpur- Vidarbha Prantik Shibir was attended by more than 5000 Swayamsevaks.

 

1964

विश्व हिंदू परिषद की स्थापना।

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Viswa Hindu Parishad - VHP - was launched.

 

1963

संघ को 26 जनवरी के संचलन में सहभागिता का निमंत्रण। अल्प अवधी में 3,000 स्वयंसेवक गणवेश तथा घोष के साथ संचलन में सहभागी हुए।
विवेकानंद जन्मशताब्दि प्रारंभ। कन्याकुमारी में विवेकानंद का भव्य स्मारक बनाने की योजना को संघ का समर्थन।
श्री गुरुजी की नेपाल भेंट में, नेपाल महाराजा से हिंदु हित के विषयों पर चर्चा।


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RSS was invited to participate in the Republic Day Parade on January 26 in Delhi. 3000 swayamsevaks with full uniform and band participated in this parade within a short notice.

Vivekananda Centenary celebrations started. Sangh passed resolution to construct a grand memorial for Swami Vivekananda in Kanyakumari.

 

1962

चीन द्वारा भारत पर खुला आक्रमण। संघ ने सरकार को तथा विशेषतः जवानों को हर प्रकार की सहायता करने के लिए स्वयंसेवकों को सक्रिय किया।
जनरल करिअप्पा की संघ शाखा को भेंट।
श्री भैय्याजी दाणी फिर से सरकार्यवाह पद पर निर्वाचित।

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Dr. Hedgewar memorial was inaugurated.
General Kariyappa visited Shaka and was impressed with the disciplined route march of Swayamsevaks.
Shri Bhaiyyaji Dani was elected Sarkaryavah.
Chinese openly invaded our territory in 1962. Swayamsevaks swung into action mobilising support to the governmental measures in general and to the jawans in particular.