अखिल भारतीय कार्यकारिणी मंडल की बैठक

अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक से संबंधित जानकारी देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने कहा कि शुक्रवार 30 अक्तूबर से प्रारंभ होने वाली बैठक में धार्मिक आधार पर जनसंख्या वृद्धि के जो आंकड़े सामने आए हैं, उससे जनसंख्या वृद्धि में असमानता ध्यान में आयी है. इस मुद्दे पर बैठक में प्रस्ताव आ सकता है. हाल ही में प्रकाशित हजारिका आयोग की रिपोर्ट में बंगाल और असम में घुसपैठ द्वारा विदेशियों की जनसंख्या वृद्धि का प्रभाव देखकर चिंता व्यक्त की गई है और ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले 25 वर्षों में इन प्रदेशों में भारतीय ही अल्पसंख्यक हो जाएंगे. यह चिंता का विषय है. इस पर समाज को जागरूक करने के लिए बैठक में चर्चा हो सकती है. वह पूर्व संध्या पर पत्रकार वार्ता में जानकारी प्रदान कर रहे थे.

डॉ. मनमोहन वैद्य जी ने कहा कि बैठक में 11 क्षेत्र और 42 प्रांतों के प्रांत संघचालक, प्रांतकार्यवाह, प्रांत प्रचारक, क्षेत्र संघचालक, क्षेत्र कार्यवाह, क्षेत्र प्रचारक, विविध क्षेत्रों के संघ का काम कर रहे प्रतिनिधियों की उपस्थिति बैठक में रहेगी. शुक्रवार प्रातः 8-30 बजे बैठक प्रारंभ होगी. इसमें संघ कार्य पर चर्चा की जाएगी. उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में संघ के प्रति लोगों, खासकर युवाओं की रुचि बढ़ी है. बड़ी संख्या में नए लोग संघ से जुड़ रहे हैं. वर्ष 2012 में यह संख्या 1000 व्यक्ति प्रतिमाह थी जो अक्टूबर 2015 में बढ़कर 8000 व्यक्ति प्रतिमाह हो गई है. नए आ रहे इन लोगों को कैसे संघ के कामों में उपयोग किया जाए. इस विषय पर भी चर्चा बैठक में हो सकती है. संघ के कार्य को देशव्यापी करने पर भी बैठक में विचार होगा. संघ दृष्टि से देश में 265 विभाग हैं, करीब 840 जिले हैं और 6100 ग्रामीण खण्ड हैं. 90 प्रतिशत खंडों तक संघ कार्य पहुंच चुका है. अगला लक्ष्य 55000 मंडलों तक कार्य पहुंचे ऐसा विचार करना है. संघ अधिकारियों का अधिकतम समय प्रवास में बीतता है. इस साल की योजना में सरसंघचालक जी क्षेत्र सह प्रवास करेंगे. इसमें प्रांत स्तर के कार्यकर्ता शामिल होंगे. वही सर कार्यवाह एवं सह सरकार्यवाह प्रांत स्तर का प्रवास करेंगे, जिसमें जिला स्तर के कार्यकर्ता शामिल होंगे. सभी अखिल भारतीय अधिकारी विभागशः प्रवास करेंगे. और खंड स्तर के कार्यकर्ता इसमें भाग लेंगे. क्षेत्र व प्रांत स्तर के कार्यकर्ता खंड स्तर तक प्रवास करेंगे तथा वहां के स्वयंसेवक एवं संघ के समर्थकों की बैठक लेंगे. अभी देश में 6100 खंड हैं.

श्रोत: http://vskbharat.com/