Whether there are 100 states or one state, Bharath is a single country - Pujaniya Dr. Mohan Bhagwat..

नैतिकता ही सब कुछ है - पूजनीय सरसंघचालक ..

The Pravas of Sarsanghachalakji - Valuable lessons in the art of Sampark..

Let me start by asking you when you took over as the head of the RSS, as Sarsanghchalak you emphasized change. You said that no organization can change as quickly as we do, we can even change our leaders and change is a factor in the RSS. Do you feel that the election results this year emphasize that need for change not just in the BJP but also in the RSS in your style of thinking?..

नागपुर श्रमिक पत्रकार संघ सरसंघचालक जी को यहाँ बुलाने के लिए अनेक वर्षों से प्रयासरत रहा है। किंतु सरसंघचालक जी का भारत भ्रमण और उसमें से समय निकालना बड़ा मुष्किल होता था। पत्रकार संघ का यह सौभाग्य है कि हमारे पत्र का सम्मान करते हुए उन्होंने 3 अगस्त शाम 4 बजे का समय सहर्ष दिया। हम सभी लोगों को मा. मोहन जी का परिचय है ही।..

आयोध्या मामले में अदालत के निर्णय से पहले सरसंघचालक श्री. मोहनजी भागवत ने मंगलवार को कहा कि वह विवादास्पद स्थल पर संसद द्वारा बनाए गए कानून के माध्यम से राम मंदिर के निर्माण के पक्ष में हैं और अयोध्या मामले पर अदालत के फैसले पर संघ की प्रतिक्रिया 'कानून एवं संविधान' के दायरे में होगी। ..

Nagpur Union of Working Journalists (NUWJ) has been trying to invite Sarsanghchalakji in our midst since long. But that could not materialize because of sparing time from his busy schedule of all India tours and programs. It is our privilege that Sarsanghchalak happily accepted our invitation and granted us time on August 3, 2009 at 4 pm. We all know Mananiya Mohanrao Bhagwat...

श्री. मोहन मधुकर राव भागवत महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के चंद्रपुर के मूल निवासी है। ११ सितम्बर १९५० को जन्मे श्री भागवत ने महाराष्ट्र में अकोला स्थित पंजाबराव कृषि विद्यापीठ से पशु चिकित्सा विज्ञान में स्नातक उपाधि प्राप्त की। भागवत परिवार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुडा रहा है और उनके पिताजी कुछ समय तक गुजरात के प्रान्त..

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Pujaniya Sarsanghachalak Dr. Mohan Bhagwat speech on Vijayadashami 2013..

देश के उपेक्षित, विस्मृत और खानाबदोश समाज को मुख्य प्रवाह में सम्मिलित कर, विकास का एक नया..

In his first ever public appearance after becoming Sarsanghachalak, Shri. Mohanji..

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